- दिल्ली की हवा इन दिनों बेहद खराब और धमकी भरी स्थिति में है — वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) कई इलाकों में “खतरनाक/सेवियर (Severe)” श्रेणी तक पहुंच चुका है, जो साँस लेने में गंभीर मुश्किलें पैदा कर रहा है।
- दिल्ली का AQI सुरक्षित सीमा 50 के बहुत ऊपर, 400–450+ तक मापा गया है — यह स्तर लोगों और विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों तथा सांस या हृदय रोग वाले व्यक्तियों के लिए अत्यंत खतरनाक माना जाता है।
- अस्पतालों में साँस संबंधी शिकायतें बढ़ रही हैं और हेल्थ एक्सपर्ट्स लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने, N95 मास्क पहनने जैसी सावधानियों की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि बेहद कण (जैसे PM2.5) फेफड़ों तक गहराई से प्रवेश कर स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं।
- प्रदूषण नियंत्रण के उपाय जैसे निर्माण गतिविधियों पर रोक, स्कूलों का हाइब्रिड मोड, पुराने डीज़ल वाहनों पर प्रतिबंध आदि सक्रिय हैं, लेकिन हवा की गुणवत्ता में अभी भी तीव्र सुधार नहीं दिख रहा।
🔎 क्या यह सामान्य है?
सर्दियों में मौसम ठंडा, हवा धीमी और धुंध अधिक होती है, जिससे प्रदूषक कणों का जमाव बढ़ता है। यह हर साल दिल्ली-NCR में प्रदूषण की गंभीर लहर लाता है, लेकिन इस बार रिकॉर्ड स्तरों के करीब पहुंचने की खबरें भी आई हैं।
📍 कुछ प्रभावित इलाकों में AQI बहुत ऊँचा:
– वज़ीरपुर, रोहिणी, अशोक विहार सहित कई स्टेशन AQI 500 (माप का अधिकतम) तक रिकॉर्ड हुए।
– नोएडा जैसे आसपास के शहरों में भी “खतरनाक” स्तर देखे गए।
⚠️ स्वास्थ्य सुझाव:
- घर के अंदर भी हवा को फिल्टर करना बेहतर।
- संवेदनशील लोगों को बाहर नहीं जाना चाहिए।
- लंबे समय तक बिना सुरक्षा के बाहर रहने से स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव हो सकते हैं।

