नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘विकसित भारत–जी राम जी विधेयक, 2025’ को अपनी मंजूरी दे दी है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने रविवार को इसकी पुष्टि की। राष्ट्रपति की स्वीकृति के साथ ही यह विधेयक अब कानून बन गया है।
इससे पहले विपक्ष के कड़े विरोध के बीच संसद के दोनों सदनों ने वीबी–जी राम जी विधेयक, 2025 को पारित किया था। यह विधेयक मौजूदा ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा की जगह लागू किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, नई योजना के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी जाएगी। दावा किया जा रहा है कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि गांवों में स्थायी आजीविका, बेहतर बुनियादी ढांचे और आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देगी।
ग्रामीण विकास को नई दिशा
ग्रामीण विकास मंत्रालय का कहना है कि यह पहल ‘विकसित भारत–2047’ के राष्ट्रीय विजन के अनुरूप है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें शहरी क्षेत्रों के समान विकास के अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि इस नई योजना से ग्रामीण इलाकों से होने वाला पलायन कम होगा, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
VBGRAMG में किन कार्यों पर रहेगा फोकस?
कृषि
पशुपालन
मत्स्य पालन
सर्कुलर इकॉनोमी मॉडल से जुड़ी उत्पादक परिसंपत्तियां
कौशल विकास
बाजार
भंडारण
वनीकरण
जल संरक्षण
भू-जल पुनर्भरण
VBGRAMG से क्या बदलेगा?
रोजगार के अवसरों में वृद्धि
समग्र विकास में ग्रामीण परिवार बनेंगे सहभागी
आय सुरक्षा बनेगी सुदृढ़
VBGRAMG से विकसित भारत विजन को कैसे मिलेगी मजबूती?
जल सुरक्षा एवं जल संबंधी कार्यों को मिलेगा बढ़ावा
मूलभूत ग्रामीण अवसंचना होगी सुदृढ़
आजीविका के अवसरों को होगा विस्तार
अनुकूलन क्षमता का होगा विकास
बिल से क्या-क्या लाभ होने वाले हैं?
ग्रामीण विकास के प्रयास ज्यादा व्यापक, समावेशी और परिणाम आधारित बनेंगे
सशक्तिकरण, विकास, कन्वर्जेन्स और सैचुरेशन को प्रोत्साहन मिलेगा
गांवों के विकास को मिलेगी रफ्तार
बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
जल संरक्षण के कार्यों पर विशेष बल
125 दिन के रोजगार की गारंटी
1.51 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि का प्रावधान

