बांग्लादेश: कथित ईशनिंदा के आरोप में हिंदू युवक की हत्या, RAB ने सात लोगों को किया गिरफ्तार
बांग्लादेश के मयमनसिंह जिले में कथित ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की पीट-पीटकर हत्या और शव जलाने के मामले में रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि दीपू चंद्र दास को पहले पुलिस हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में वह भीड़ के हाथों मारा गया। आरोप है कि पुलिस ने उसे प्रभावी सुरक्षा नहीं दी, जिससे उसकी जान चली गई। इस घटनाक्रम के सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस हत्याकांड की अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने भी कड़ी निंदा की है और बांग्लादेश की अंतरिम सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। वहीं लेखिका तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे व्यवस्था की विफलता बताया है।
कौन-कौन गिरफ्तार?
RAB के अनुसार जिन सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनके नाम हैं—
मोहम्मद लिमोन सरकार (19), मोहम्मद तारिक हुसैन (19), मोहम्मद मानिक मिया (20), इरशाद अली (39), निजुम उद्दीन (20), आलमगीर हुसैन (38) और मोहम्मद मिराज हुसैन आकन (46)। एजेंसी का दावा है कि ये सभी हत्या और हिंसा में सीधे तौर पर शामिल थे।
पुलिस के मुताबिक, 18 दिसंबर की रात भालुका इलाके में फैक्ट्री में काम करने वाले दीपू चंद्र दास पर कथित ईशनिंदा का आरोप लगाकर पहले उसके साथ मारपीट की गई, फिर उसे पेड़ से लटकाया गया और बाद में ढाका-मयमनसिंह हाईवे के किनारे उसके शव को जला दिया गया। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देशभर में आक्रोश फैल गया।
सरकार का बयान
बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि “नए बांग्लादेश में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है।” सरकार ने आश्वासन दिया है कि दोषियों को कानून के मुताबिक सजा दी जाएगी और लोगों से कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है।
फिलहाल, मामले की जांच जारी है और सुरक्षा एजेंसियां इलाके में स्थिति सामान्य बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।

